[30+] Best Muharram Par Shayari- Muharram Shayari In Hindi

मुहर्रम इस्लामिक माह का सबसे पहला महीना है !इस महीने इस्लाम का सबसे अच्छे महीनों में एक माना जाता है!इस महिने इस्लाम के पयम्बर मोहम्मद (s.a.w) के नावशे हुसैन ने इस्लाम को बचाने के लिए खुद को और अपने पूरे परिवार का कर्बला में कुर्बान कर दिए।मुहर्रम के 10वे तारीख को यौमे असुरा को कहा जाता है ।बिना अपने जान के परवाह किये अपने नाना के इस्लाम के लिए क़ुर्बान हो गए।Muhharam par shayari , Muhharam par shayari in Hindi, Download Muhhram pr Images In Hindi, All Types Shayari Available On LoverSayri.

  • Muharram Par Shayari

सिर गैर के आगे ना झुकाने वाला,
और नेजे पे भी कुरान सुनाने वाला,
इस्लाम से क्या पूछते हो कौन हुसैन,
हुसैन है इस्लाम को इस्लाम बनाने वाला!!!

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दश्त ए बाला को अर्श का जीना बना दिया
दश्त-ए-बाला को अर्श का ज़ीना बाना दिया
जंगल को मुहम्मद का मदीना बन्ना दीया
हर ज़र्रे को नजफ का नगीना बना दिया
हुसैन तुम ने मरने को जीना बना दिया!!!

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कर्बला की उस जमी पर खून बहा
कत्लेआम का मंजर सजा
दर्द और दुखो से भरा था जहा
लेकिन फौलादी हौसले को शहीद का नाम मिला!!!

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इश्क मैं किया लुटिया इश्क मैं किया बेचेन
अल ए नबी ने लिख दिया सारा नसीब रीत पर

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  • Muharram Shayari In Hindi

तरीका मिसाल असी कोई दोंड के लिए
सर तन से जुड़ा भी हो मगर मौत न आये
सोचन मैं सबर ओ राजा के जो मफिल
एक हुसैन रा अब अली रा जैन मैं आये!!!

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इश्क मैं किया लुटिया इश्क मैं किया बेचेन
अल ए नबी ने लिख दिया सारा नसीब रीत पर!!!

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करीब अल्लाह के आओ तो कोई बात बने
ईमान फिर से जगाओ तो कोई बात बने
लहू जो बह गया कर्बला में
उनके मकसद को समझो तो कोई बात बने।!!

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  • Muharram Status In Hindi

सिर गैर के आगे ना झुकाने वाला
और नेजे पे भी कुरान सुनाने वाला
इस्लाम से क्या पूछते हो कौन हुसैन
हुसैन है इस्लाम को इस्लाम बनाने वाला!!!

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आंखों को कोई ख्वाब तो दिखायी दे
ताबीर में इमाम का जलवा दिखायी दे
ए! इब्न-ऐ-मुर्तजा
सूरज भी एक छोटा सा जरा दिखायी दे!!!

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इश्क मैं किया लुटिया इश्क मैं किया बेचेन
अल ए नबी ने लिख दिया सारा नसीब रीत पर

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शमशेर से मोला ने कहा चला मगर ऐस
हो ख़ैबर-ओ-खंडक मैं भी हाल चाल मगर ऐसे
इस मेह्दान में रहे मौत की जाल थल मगर ऐसे
इस दश्त मैं रहे खून की दलदल ऐसे
तू जिस पे उत्तर गए मैं उस का वाली हूँ
वोह सिर्फ अली था मैं हुसैन इब्न ए अली हूँ!!!!

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  • Muharram-ul-Haram Shayari Status

अफज़ल है कुल जहाँ से घराना हुसैन का
निबिओं का ताजदार है घराना हुसैन का
एक पल की थी बस हुकूमत यजीद की
सदियन हुसैन रा है जमाना रा हुसैन का!!!

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इमाम का होशाला
इस्लाम बना गया
अल्लाह के लिए उसका फ़र्ज़
आवाम को धर्म सिखा गया!!!

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आंखों को कोई ख्वाब तो दिखायी दे
ताबीर में इमाम का जलवा दिखायी दे
ए! इब्न-ऐ-मुर्तजा
सूरज भी एक छोटा सा जरा दिखायी दे!!!!

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कर्बला की उस जमी पर खून बहा
कत्लेआम का मंजर सजा
दर्द और दुखो से भरा था जहा
लेकिन फौलादी हौसले को शहीद का नाम मिला!!

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